Happy New Year | Heart Touching POEM | नया जख्म कायम खुदा न करें।
Happy New Year | Heart Touching POEM | नया जख्म कायम खुदा न करें।
नया साल हमसे खता ना करें, बीते हुए साल जैसे दगा ना करें,
अभी तक है छलनी हमारा जहन नया जख्म कायम खुदा ना करें, नए साल में रब से माग दुआ किसी से किसी को जुदा खुदा ना करें।
सभी के लिए है, जिंदगी मेरी भले कोई मुझसे वफा ना करें।
फरिश्ता तुझे मान लेगा सारा जहां अगर तू किसी का बुरा ना करे ।
'मोहब्बत'
से कह दो परे वो रहे मेरी जिंदगी बेवजह ना करें,
झमेले बहुत जिंदगानी के हैं तुझे भूल जाऊं खुदा ना करें
न टूटे कोई ख्वाब इश्क के सबब कुछ ऐसे ए
वादे सबा न करे
तो ख्वाबों की ताबीर मुमकिन नहीं अगर जिंदगानी वफ़ा ना करे अमीरों के दर से न पाएगा कुछ कह दो भिखारी दुआ ना करे ।।
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